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साजिशों की सरकार - आखिर आरोग्य सेतु ऐप से किसको फायदा पहुंचाया सरकार ने ? क्या ऐप के जरिये नागरिकों की जासूसी की गई ? RTI vs aarogyasetu

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नई दिल्ली। मोदी सरकार साजिशों और लापरवाहियों के लिए जानी जाएगी ? इसके काम-काज से ऐसा ही लगता है। लाॅकडाउन लगाने के बाद कोरोना की सूचना देने के लिए आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने की एक तरह से अनिवार्यता कर दी गई थी। कहा गया था कि यह कोरोना पाॅजिटिव की सूचना देगा। प्रधानमंत्री से लेकर उनके सहयोगी-समर्थकों, पूरे तंत्र और मीडिया ने इसे बहुत कारगर बताया था। ऐप डाउनलोड तो करोड़ों की संख्या में हो गया लेकिन इसने सूचना तो इसने नहीं दी। सरकार को इसकी विफलता पर जवाब देना चाहिए था लेकिन अब तो इसे किसने बनाया, किसे इससे लाभ हुआ इसका ही पता नहीं दिया जा रहा। संभव है कि ऐप के जरिये नागरिकों की जासूसी की गई हो और उनके डेटा को चुराया गया हो। कुछ भी हो सकता है, आखिर यह सरकार काम तो जनता के खिलाफ ही कर रही है। केंद्रीय सूचना आयोग सीआईसी ने बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स मिनिस्ट्री, नेशनल इन्फॉर्मेशन सेंटर सेंट्रल पब्लिक इन्फार्मेशन अफसर और नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन को कारण बताओ नोटिस भेजा है। सीआईसी ने पूछा है कि आरोग्य सेतु ऐप से जुड़ी आरर्टीआ का अस्पष्ट जवाब देने और सूचना में रुकावट डालने के लिए आप पर आरटीआई एक्ट ...

NXIVM सेक्स पंथ के रेनियर ने महिलाओं को आर्थिक रूप से लूटा और सैक्स गुलाम बनाया, 120 की हुई सजा, जानिये कौन है अमेरिका का आसाराम, गुरमीत राम रहीम !

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ब्रुकलिन। सनकी शातिर लुटेरों की दुनिया में कमी नहीं। कोई अच्छे दिन लाने का झांसा देकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है तो कोई किसी आसान तरीके से अमीर बनाने का सपना दिखाकर लूटता है। और वर्तमान जीवन को खुशियों और आनंद से भर देने की बात करता है तो कोई बेहद सुखद भविष्य का आश्वासन देकर अपना अनुयायी बना लेता है। कहा जाता है कि हर आदमी बेवकूफ है बस, बनाने वाला चाहिए। सामने वाले को उसके लाभ का विश्वास दिलाकर ही अधिकांश लोग अपना भला करते हैं। हमारे यहां वर्तमान और भविष्य की बेहतरी सपना दिलाकर महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ करने वाले और लोगों को आर्थिक रूप से लूटने वाले गुरमीत राम रहीम और आसाराम जैसे अनेक लोग सालों से जेल में हैं। अमेरिका का भी ऐसा ही शातिर और घोर अमानवीय व्यक्ति पकड़ में आया है। एनएक्सआईवीएम सेक्स पंथ के फाउंडर कैथ रेनियर को 120 साल की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने 13 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया। कानून द्वारा जुर्माने की यह अधिकतम सीमा है। रेनियर को सेक्स ट्रैफिकिंग, चाइल्ड पोर्नोग्राफी सहित कई मामलों में मंगलवार को सजा सुनाई गई। रेनियर महिलाओं को कम खाना देता था और यौन गुलाम बनाता थ...

पूंजीवादी समाज के प्रति / गजानन माधव मुक्तिबोध Gajanan Madhav Muktibod - Towards capitalist society

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  इतने प्राण, इतने हाथ, इनती बुद्धि इतना ज्ञान, संस्कृति और अंतःशुद्धि इतना दिव्य, इतना भव्य, इतनी शक्ति यह सौंदर्य, वह वैचित्र्य, ईश्वर-भक्ति इतना काव्य, इतने शब्द, इतने छंद – जितना ढोंग, जितना भोग है निर्बंध इतना गूढ़, इतना गाढ़, सुंदर-जाल – केवल एक जलता सत्य देने टाल। छोड़ो हाय, केवल घृणा औ' दुर्गंध तेरी रेशमी वह शब्द-संस्कृति अंध देती क्रोध मुझको, खूब जलता क्रोध तेरे रक्त में भी सत्य का अवरोध तेरे रक्त से भी घृणा आती तीव्र तुझको देख मितली उमड़ आती शीघ्र तेरे ह्रास में भी रोग-कृमि हैं उग्र तेरा नाश तुझ पर क्रुद्ध, तुझ पर व्यग्र। मेरी ज्वाल, जन की ज्वाल होकर एक अपनी उष्णता में धो चलें अविवेक तू है मरण, तू है रिक्त, तू है व्यर्थ तेरा ध्वंस केवल एक तेरा अर्थ। Poem Gajanan Madhav Muktibod - Towards capitalist society So many lives, so many hands, so many wisdom So much knowledge, culture and intuition So divine, so grand, so much power This beauty, that picture, devotion So much poetry, so many words, so many verses - The more pretense, the greater the enjoyment So deep, so thick, s...

कविता- रामधारी सिंह दिनकर ... परशुराम की प्रतीक्षा / घातक है, जो देवता-सदृश दिखता है, लेकिन, कमरे में गलत हुक्म लिखता है

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आज के विकट समय में हम रामधारी सिंह दिनकर की इस कविता बहुत कुछ समझ सकते हैं। हे वीर बन्धु ! दायी है कौन विपद का ? हम दोषी किसको कहें तुम्हारे वध का ? यह गहन प्रश्न कैसे रहस्य समझायें ? दस-बीस अधिक हों तो हम नाम गिनायें। पर, कदम-कदम पर यहाँ खड़ा पातक है, हर तरफ लगाये घात खड़ा घातक है। घातक है, जो देवता-सदृश दिखता है, लेकिन, कमरे में गलत हुक्म लिखता है, जिस पापी को गुण नहीं गोत्र प्यारा है, समझो, उसने ही हमें यहां मारा है। जो सत्य जान कर भी न सत्य कहता है, या किसी लोभ के विवश मूक रहता है, उस कुटिल राजतन्त्री कदर्य को धिक् है, यह मूक सत्यहन्ता कम नहीं वधिक है। चोरों के हैं जो हितू, ठगों के बल हैं, जिनके प्रताप से पलते पाप सकल हैं, जो छल-प्रपंच, सब को प्रश्रय देते हैं, या चाटुकार जन से सेवा लेते हैं यह पाप उन्हीं का हमको मार गया है, भारत अपने घर में ही हार गया है। है कौन यहां, कारण जो नहीं विपद् का ? किस पर जिम्मा है नहीं हमारे वध का ? जो चरम पाप है, हमें उसी की लत है, दैहिक बल को कहता यह देश गलत है. नेता निमग्न दिन-रात शान्ति-चिन्तन में, कवि-कलाकार ऊपर उड़ रहे गगन में. यज्ञाग्नि हिन्द में समि...

बिहार भाजपा ने चुनाव घोषणा पत्र में बोला झूठ, सरकारी आंकड़े बता रहे बिहार की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार इत्यादि की बदहाली का सच, आप भी जान लीजिए

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नई दिल्ली/ पटना। बिहार के विधान सभा चुनाव में भाजपा ने अपने घोषणापत्र में लिखा है कि एनडीए सरकार ने बिहार में 3.5 लाख शिक्षकों की नियुक्तियां की हैं। इस दावे के उलट हकीकत यह है कि बिहार में शिक्षकों के 2.75 लाख से ज्यादा पद खाली पड़े हैं। कम शिक्षकों के मामले में बिहार देश में पहले नंबर पर है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने इसी साल 19 सितंबर को लोकसभा में बताया था कि देशभर में शिक्षकों के 10.61 लाख से ज्यादा पद खाली हैं, जिसमें से 2.75 लाख पद अकेले बिहार में खाली हैं। पुलिस बल की संख्या में भी बिहार पिछड़ा हुआ है। केंद्रीय ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) के पास पब्लिक-पुलिस रेशो का सबसे लेटेस्ट डेटा 2018 तक का है। इस डेटा के मुताबिक, देश में हर एक लाख की आबादी पर 199 पुलिसवाले हैं। इस औसत के हिसाब से बिहार बदहाल है। बीपीआरडी के मुताबिक, बिहार में हर एक लाख आबादी पर 131.6 पुलिसवाले हैं। ये औसत देश में सबसे कम है। जबकि, उससे अलग होकर बने झारखंड में हालात इससे कहीं ज्यादा बेहतर है। वहां हर एक लाख पर 221 पुलिसवाले हैं। ऐसी खराब हालत होने के बाद भी ...

रियाना के चेहरे के भावों ने उसे दुनिया भर में कैसे मशहूर कर दिया ? ipl cricket Super Over Mystery Girl #Riana Lalwani

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नई दिल्ली। कब किसको क्या पसंद आ जाए, कब किसी मामूली सी बात से आदमी जमीन से उठकर आसमान छूने लगे कहा नहीं जा सकता। कुछ लोग नसीब या भाग्य की बात करते हैं। शायद किंग्स इलेवन पंजाब और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए 36वें मैच का रिजल्ट डबल सुपर ओवर में निकला था। इस मैच में डबल सुपर ओवर के अलावा एक मिस्ट्री गर्ल ने भी सुर्खियां बटोरीं। स्टैंड में बैठी इस लड़की पर लोगों की नजर उस वक्त पड़ी, जब सुपर ओवर के दौरान कैमरामैन ने उनकी तरफ कैमरा घुमाया। मैच के दौरान अपने अलग-अलग हावभाव के कारण यह लड़की सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस मिस्ट्री गर्ल का नाम रियाना लालवानी है। वह किंग्स इलेवन पंजाब की फैन है। स्टाफ के साथ अपनी टीम को सपोर्ट करने पहुंची थी। रियाना ने दुबई के जुमेराह कॉलेज से पढ़ाई की और इस समय वह इंग्लैंड के कोवेंट्री में वारविक यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर रही है। स्क्रीन पर आते ही रियाना इंटरनेट सनसनी बन गईं। मैच से पहले इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स की संख्या 3 हजार थी, जो कि अब इस घटना के बाद 1 लाख के करीब पहुंच गई। सोशल मीडिया यूजर्स उन्हें मिस्ट्री गर्ल और द सुपर ओवर गर्ल के नाम से भी बुला ...

भक्तों ! सर्वेक्षणों में तो बिडेन जीतते और ट्रंप हारते लग रहे हैं, भारत विरोधी ट्रंप हारे तो आपको कैसा लगेगा

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वाॅशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उनके प्रतिद्वंद्वी रिपब्लिकन उम्मीदवार जो बाइडेन के बीच आखिरी प्रेसिडेंशियल डिबेट हो चुकने के बाद अब वोटिंग 3 नवंबर को होनी है। अब तक आए ज्यादातर पोल में बाइडेन बढ़त बनाए हुए हैं। 538 सर्वे एजेंसीज ने इन पोल और सर्वे का 40 हजार से ज्यादा समीकरणों से एनालिसिस कर भविष्यवाणी की है कि बाइडेन के राष्ट्रपति बनने की संभावना 86 प्रतिशत है। 2016 में यह एक मात्र एजेंसी थी, जिसने इसी तरह की एनालिसिस के आधार पर ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने की भविष्यवाणी की थी। भक्तों पिछले चार सालों का हिसाब-किताब लगाकर देखो ट्रंप से भारत को फायदा हुआ है या नुक्सान ? भक्तों, ट्रंप का रियल स्टेट का कारोबार भारत में भी चलता है, कभी अपनी भाजपा से यह भी सवाल करना कि ट्रंप की कंपनी से भाजपा को कितना चंदा मिलता है ? राष्ट्रपति चुनाव के साथ ही 438 सीटों वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव (निचला सदन) और सीनेट (उच्च सदन) की खाली हुई 35 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है। इस महापोल के मुताबिक 76 प्रतिशत संभावना इस बात की है कि 100 सीटों वाले सीनेट (उच्च सदन) में भी डेमोक्रेटिक पार्टी के 52 सांसद हो...

अब कुछ चुटकुले.... शादी महिला टीचर या पत्रकार से ही क्यों करें ? jokes laugh laughter

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एक शादीशुदा व्यक्ति एक विवाह करने को तत्पर युवा से, अगर शादी करनी ही हो तो किसी टीचर या पत्रकार से करनी चाहिए। युवा ने पूछा, सिर्फ टीचर या पत्रकार से ही क्यों ? शादीशुदा व्यक्ति, क्योंकि टीचर या पत्रकार अगर सवाल करती है तो जवाब का इंतजार भी करती है। एक लड़का लड़की के सामने गाना गा रहा था- अगर मैं कहूं कि मुझे तुमसे मोहब्बत है, मेरी तो बस यही चाहत है तो क्या कहोगी?  लड़की ने मुस्कुराते हुए कहा- मैं तुमसे कहूंगी, इस बात को अगर तुम मुझे घुमा फिरा के कहते, कहीं खाना खिला के कहते, मुझे मोबाइल दिला कर कहते... उस में बैलेंस डलवा के कहते तो अच्छा होता...! लड़के ने अपनी प्रेमिका से पूछा, मैं तुम्हारा मोबाइल देख सकता हूं... ? गर्लफ्रेंड हां, क्यों नहीं! जरा एक मिनट रूको... और उसने इनबॉक्स, सेंड आइटम और कॉल हिस्ट्री डिलीट कर मोबाइल देते हुए कहा, देख लो तुम्हें तो मुझ पर विश्वास ही नहीं है..! डॉक्टर ने कमजोर मरीज की जांचकर कहा, आपके शरीर में आयरन की कमी है।. मरीज बोला, बीस साल से अपनी पत्नी से लगातार ‘लोहा’ लेता आ रहा हूं और...आप कहते हैं कि आयरन की कमी है...! संता की जबरदस्त पिटाई हुई और वह अस्पत...

अंधभक्तों चीन के फर्जी विरोध का क्या होगा ? मालूम है चीनी मोबाइल कंपनियां भारतीय बाजार पर फिर छा गईं

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नई दिल्ली। चीनी मोबाइल कंपनियां फिर से मोबाइल बाजार में बहार ला रही हैं। और भी चीनी उत्पाद बाजार में आ रहे हैं। सरकार के अंधसमर्थकों के चीन विरोध का कोई खास असर सरकार पर नहीं पड़ा। अंधभक्तों को तसल्ली देने के लिए सरकार ने कुछ चीनी ऐप्स बैन कर दिए और कुछ सरकारी ठेके रद्द कर दिए। यह भी हो सकता है कि अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए मोदी सरकार ने चीनी ऐप्स बैन किये हों और ठेके रद्द किए हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा और विदेश मंत्री ने तो चीन द्वारा मध्य जून में 20 भारतीय सैनिकों के मारे जाने के बाद चीन का नाम लेकर विरोध तक नहीं किया गया। भारतीय भूभाग पर चीनी कब्जे के बारे में तो मोदी ने साफ झूठ बोला कि भारतीय सीमा में न कोई घुसा है और न किसी ने कब्जा किया है। खैर, चीन का विरोध खूब सहयोगी-समर्थकों के द्वारा हुआ, चीन के सामान का बहिष्कार हुआ लेकिन चीन से राजनीतिक और व्यापारिक संबंध बदस्तूर चलते रहे। चीन के सामान का आयात बहुत प्रभावित हुआ लेकिन अब फिर से हालात सामान्य हो रहे हैं और चीनी माल आ रहा है। एक समय संकट में आये चीनी मोबाइल ब्रांड श्याओमी, वीवो और ओप्पो फिर से बाजार में छा...

सेना के अपमान और जनविरोधी नीतियों के लिए मोदी को राहुल ने लिया आढ़े हाथ, तुम्हारे दावों में बिहार का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावा किताबी है

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पटना/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सहयोगी - समर्थक बिहार विधान सभा चुनाव में खूब लंबी-लंबी हांक रहे हैं। पिछले चुनावी वादे तो पूरे किये नहीं, बर्बाद बिहार में राज्य की बदहाली की चर्चा करने के बजाये धारा 370 और दूसरे राज्य के लिए गैरजरूरी मुद्दों पर बात कर रहे हैं और संकटग्रस्त जनता को नये सपने दिखा रहे हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस पर मोदी को आढ़े हाथ लिया है। बिहार में अपनी पहली चुनावी सभा को संबोधित करने से कुछ पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एनडीए पर शायराना अंदाज में हमला किया। उन्होंने ट्वीट किया- तुम्हारे दावों में बिहार का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं, ये दावा किताबी है।’ राहुल ने मशहूर कवि अदम गोंडवी की कविता के सहारे मोदी सरकार पर तंज कसा। राहुल ने बिहार की नीतिश/एनडीए सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कोरोना हो या बेरोजगारी, झूठे आंकड़ों से पूरा देश परेशान है। मैं आज बिहार में आपके बीच रहूंगा। आइए, इस झूठ और कुशासन से पीछा छुड़ाएं। बिहार के नवादा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा जब बिहार के युवा सैनिक शहीद हुए, उस दिन प्रधान...

बाराबंकी में भी UP पुलिस ने दोहराया हाथरस ? दलित बच्ची का शव जबरन जलाया ?

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बाराबंकी। दिल्ली पुलिस और यूपी पुलिस अपनी खराब कार्यप्रणाली से काफी बदनाम हो रही है। बाराबंकी यूपी में 15 साल की दलित लड़की से गैंगरेप के बाद मौत के मामले में भी पुलिस पर हाथरस जैसी कार्रवाई करने का आरोप लगा है। पीड़िता के पिता का कहना कि पुलिस ने बेटी का शव जबरन जला दिया, जबकि हिंदू धर्म में नाबालिग को दफनाया जाता है। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। घटना बाराबंकी के सतरिख थाना इलाके के सेठमऊ गांव में पिछले बुधवार को घटित हुई है। लड़की खेत में धान काटने गई थी। काफी देर तक नहीं लौटी तो घरवालों ने तलाश शुरू की। रात में लड़की का शव खेत में अर्धनग्न हालत में मिला। उसके हाथ बंधे हुए थे। मौके पर शराब की 3 बोतलें मिली थीं। आरोपियों ने लड़की की नाक और मुंह दबा दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। पीड़ित के पिता का कहना है कि उनके परिवार के लोग 3 दिन से भूखे हैं, प्रशासन को खाने का इंतजाम करना चाहिए। लड़की के पिता का कहना है गांव का एक लड़का मेरी बेटी से जबरन शादी करना चाहता था। लेकिन बच्ची नाबालिग थी, इसलिए मैंने शादी करने से इनकार कर दिया था। इसलिए, वे लोग परेशान करने लगे थे। हमने पुलिस से शिकायत की तो 3...

मोदी सरकार की नीतियों से ध्वस्त हुई अर्थव्यवस्था-रोजगार - इस त्यौहारी सीजन ठंडा है सोने-चांदी का बाजार

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नई दिल्ली। मोदी सरकार की रोजगार और कारोबार विरोधी नीतियों से तबाह करोड़ों लोग नारकीय जीवन जीने और त्राहि-त्राहि करने को मजबूर हैं। 2016 की नोटबंदी और 2020 के लाॅकडाउन तक सरकार ने रोजगार बढ़ाने और अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के प्रयास तो विल्कुल नहीं किये हैं बल्कि रोजगार और कारोबार पर प्रतिकूल असर डालने वाले ही काम किया हैं जिससे देश की या कहें जनता की माली हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। लेकिन मोदी सरकार के सहयोगी, समर्थक, प्रचार तंत्र द्वारा लगातार जनता को समझाने की बात की जा रही है कि देश सही दिशा में जा रहा है, देश मजबूत हो रहा है और सरकार के काम-काज की दुनिया भर में तारीफ हो रही है और यह भी कि आने वाला समय भारत के लिए बहुत शानदार होने वाला है। लोगों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि नोटबंदी के समय भी 50 दिन मांगे गये थे। लेकिन कितने 50 दिन गुजर गये और भारत की हालत बद से बदतर होती गई। कोरोना लाॅकडाउन रोकने के नाम पर आनन-फानन में लाॅकडाउन लगा दिया गया। न दवा के इंतजाम किये गये, न अस्पतालों में पहले से कोई तैयारी की गई, न लोगों के रहने, खाने का इंतजाम किया गया न कोई राहत पैकेज दिया गय...

भारत की हालत बांग्लादेश, बर्मा, नेपाल, पाकिस्तान से भी खराब, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार में भी बदतर स्थिति, सरकार जनता को कंगाल और मित्र अमीरों को मालामाल करने में लगी

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नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी और उनके सहयोगी, समर्थक, प्रचार तंत्र लोगों को यह समझाने में ऐड़ी-चोटी का जोर लगाते रहे हैं कि भारत की हालत बेहद मजबूत होती जा रही है और दुनिया उसकी तारीफ करते नहीं थक रही। लेकिन हकीकत में भारत में बेरोजगारी, भुखमरी, शिक्षा, स्वास्थ्य-चिकित्सा और अपराधों की हालत लगातार बद से बदतर होती जा रही है। भारत पर मोदी राज में विदेशी कर्ज भी बढ़ रहा है। आज भारत का प्रत्येक आदमी औसतन करीब 71000 रुपये से अधिक का कर्जदार है। लेकिन सरकार का पूरा तंत्र जनता को सांप्रदायिकता और पाकिस्तान, चीन तथा भारत की बेहतरी का नशा पिला रही है। 107 देशों के ग्लोबल हंगर इंडेक्स में भारत इस साल 94वें नंबर के साथ गंभीर श्रेणी में रहा है। दुनियाभर में भूख और कुपोषण की स्थिति पर नजर रखने वाली वेबसाइट ग्लोबल हंगर इंडेक्स ने शुक्रवार को यह रिपोर्ट जारी की। जानकारों का कहना है कि कुपोषण (मैल्नूट्रिशन) से निपटने में ढीले रवैए और बड़े राज्यों की खराब परफॉर्मेंस जैसी वजहों से भारत की रैंकिंग नीचे रही है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स में बांग्लादेश, पाकिस्तान और म्यांमार भी सीरियस कैटेगरी में रखे गए हैं, लेकिन तीनों ...

रकुल प्रीत ने झूठ फैलाने वाले टीवी चैनलों के लिए खड़ी की मुश्किल, हलकान ब्रॉडकास्टर एसोसिएशन ने जवाब देने को कोर्ट से मांगा वक्त

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नई दिल्ली। सरकार के इशारों पर देश में झूठ और नफरत फैला रहे टीवी चैनलों के समक्ष मुश्किल खड़ी हो रही है। रकुल प्रीत सिंह ने पिछले महीने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स एंगल जांच में उनके खिलाफ चल रहे मीडिया ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की थी। जिसके बाद नेशनल ब्रॉडकास्टर एसोसिएशन (एनबीए) ने दिल्ली हाई कोर्ट से इसी मामले पर अपना जवाब देने तीन हफ्ते का टाइम मांगा है। रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी के बाद जांच में रकुल का नाम सामने आया था। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने रकुल प्रीत सिंह से 25 सितंबर को पूछताछ की थी। जिसके बाद मीडिया में रकुल और रिया की दोस्ती पर कई खबरें दिखाई गईं थीं। एनबीए का कहना है कि उन्हें 21 दिन का समय चाहिए ताकि वे 10 न्यूज चैनल्स से इस मामले में जानकारी जुटा सकें। दिल्ली हाई कोर्ट ने ब्रॉडकास्ट स्टैंडर्ड अथॉरिटी को भी दो हफ्ते के भीतर मामले पर जवाब दाखिल करने को कहा है। रकुल प्रीत सिंह ने अपनी याचिका में यह भी कहा था कि रिया ने उसका और सारा अली खान का नाम उस वक्त लिया था, जब वह एक शूट पर थी। कोर्ट ने केंद्र ...

कर्मचारियों को उल्लू बना रही मोदी सरकार, कैश की जगह दे रही जीएसटी कमाई वाले कूपन

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 नई दिल्ली। जनता को लागातार बेरोजगार और तबाह कर रही मोदी सरकार जनता का हितैषी होने का ढिंढोरा खूब पीटती है। कर्मचारियों के वेतन और भत्ते देने मंे अक्षम सरकार अधिकारियों व कर्मचारियों को गिफ्ट देने का नाटक कर रही है। सरकार के प्रचार तंत्र द्वारा कहा जा रहा है कि इस काम से केंद्रीय कार्मिकों के चेहरे पर मुस्कान आ गई है. मोदी सरकार ने 10,000 रुपये का स्पेशल फेस्टिवल एडवांस कार्मिकों को देने की घोषणा की है, कहा जा रहा है कि इस पर कोई ब्याज नहीं लगेगा. कार्मिक इसकी वापसी 10 आसान किस्तों में कर सकेंगे. अवकाश यात्रा रियायत (एलटीसी) के एवज में कैश वाउचर मिलेंगे. सरकार का यह भी कहना है कि इस योजना का इसका उद्देश्य त्योहारी मौसम में उपभोक्ता मांग में सुधार और अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देना है. एलटीसी के एवज में जो नकद वाउचर मिलेंगे, उससे कर्मचारी ऐसे सामान खरीद सकेंगे, जिन पर 12 प्रतिशत या उससे अधिक का जीएसटी लगता है, मगर इसमें खाने-पीने का कोई सामान शामिल नहीं होगा. केंद्रीय कर्मचारी के अलावा पब्लिक सेक्टर व बैंक कर्मचारियों को भी यह सुविधा मिलेगी. केंद्र सरकार ने राज्यों से भी इस योजन...

भारतीय शासन व्यवस्था की कार्यशैली पर हिंदी व्यंग्य विधा के आधार स्तंभ हरिशंकर परसाई का तीखा व्यंग्य ‘मुंडन’ पढ़िए

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किसी देश की संसद में एक दिन बड़ी हलचल मची. हलचल का कारण कोई राजनीतिक समस्या नहीं थी, बल्कि यह था कि एक मंत्री का अचानक मुंडन हो गया था. कल तक उनके सिर पर लंबे घुंघराले बाल थे, मगर रात में उनका अचानक मुंडन हो गया था.  सदस्यों में कानाफूसी हो रही थी कि इन्हें क्या हो गया है. अटकलें लगने लगीं. किसी ने कहा,‘शायद सिर में जूं हो गई हो.’ दूसरे ने कहा,‘शायद दिमाग़ में विचार भरने के लिए बालों का पर्दा अलग कर दिया हो.’ किसी और ने कहा,‘शायद इनके परिवार में किसी की मौत हो गई.’ पर वे पहले की तरह प्रसन्न लग रहे थे.  आख़िर एक सदस्य ने पूछा,‘अध्यक्ष महोदय! क्या मैं जान सकता हूं कि माननीय मंत्री महोदय के परिवार में क्या किसी की मृत्यु हो गई है?’  मंत्री ने जवाब दिया,‘नहीं.’ सदस्यों ने अटकल लगाई कि कहीं उन लोगों ने ही तो मंत्री का मुंडन नहीं कर दिया, जिनके खिलाफ़ वे बिल पेश करने का इरादा कर रहे थे.  एक सदस्य ने पूछा,‘अध्यक्ष महोदय! क्या माननीय मंत्री को मालूम है कि उनका मुंडन हो गया है? यदि हां, तो क्या वे बताएंगे कि उनका मुंडन किसने कर दिया है?’ मंत्री ने संजीदगी से जवाब दिया,‘मैं नह...

विदेशी रिश्वत पर शिकंजा कसने को मोदी सरकार ने नहीं की कोई कोशिश ! मोदी सरकार में कम होने के बजाय बढ़ा भ्रष्टाचार

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नई दिल्ली। भ्रष्टाचार खत्म करने का शोर मचाकर भाजपा/नरेंद्र मोदी ने 2014 में सरकार बनाई मगर भ्रष्टाचार कम करने के बजाय इनकी सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ा ही है और सरकार भ्रष्टाचार कम करने का दिखावा भी नहीं कर रही। भ्रष्टाचार पर सख्ती से लगाम लगाने का दावा करने वाली मोदी सरकार विदेशी रिश्वत पर शिकंजा कसने में विफल रही है। भ्रष्टाचार के बढ़ते खतरे के बावजूद भारत ने 2016 से 2019 के बीच विदेशी रिश्वत को लेकर कोई जांच नहीं की है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। एक्सपोर्टिंग करप्शन 2020 नाम की इस रिपोर्ट में कहा गया है ओईसीडी के 47 में से केवल 4 देशों ने विदेशी रिश्वत के खिलाफ सक्रिय रूप से कानून लागू किया है। इन 4 देशों की ग्लोबल एक्सपोर्ट में 16.5 फीसदी हिस्सेदारी है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 से दुनियाभर में रिश्वत और मनी लॉन्ड्रिंग घोटालों से जुड़ी जांच में गिरावट आई है। बड़े निर्यातक देशों चीन, जापान, नीदरलैंड, दक्षिण कोरिया, हॉन्गकॉन्ग, कनाडा, भारत और मैक्सिको का ट्रैक रिकॉर्ड विदेशी रिश्वत की जांच के मामले में काफी खराब है। विदेशी र...

शैतान तानाशाह फर्जी आंसू बहाता, जनता से झूठा प्रेम दिखाता, सेना से निकटता प्रदर्शित करता है

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प्योंगयांग। उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने सोमवार को भावुक होते हुए कथित रूप से आंसू बहाए। सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की 75वीं सालगिरह पर उन्होंने राष्ट्र को संबोधित करते हुए सैनिकों का शुक्रिया अदा किया। साथ ही अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी। फिर नम आंखों को पोंछते नजर आए। इस दौरान सैनिकों के बलिदान का भी जिक्र किया। दावा किया कि उत्तर कोरिया में कोरोना का कोई केस नहीं है। बताया जाता है कि वर्कर्स पार्टी के 75वें स्थापना दिवस के लिए कई दिनों से तैयारियां की जा रहीं थीं। देश के अलग-अलग हिस्सों से हजारों लोग राजधानी प्योंगयांग पहुंचे। सबसे पहले मिलिट्री परेड हुई। इसमें नॉर्थ कोरिया की सैन्य ताकत को दिखाया गया। मिसाइलें भी नजर आईं। किम जोंग उन ने सलामी ली और भाषण दिया। यहां स्कूली बच्चे भी मौजूद थे। देश को और सेना को संबोधित करते हुए किम ने कहा- मैं अपने सैनिकों के बलिदान और उनके साहस के लिए शुक्रगुजार हूं। हमने कई मुश्किल चुनौतियों का सामना किया है। हाल ही में देश ने तूफान और कोरोनावायरस का सामना किया है। इस दौरान सैनिकों ने फिर साबित किया कि वे कितने मुश्किल हालात में काम करते ह...