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डीजल-पैट्रोल के जरिये ऐसे जनता को लूट रही सरकार Indian Government looting such people through diesel-petrol

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नई दिल्ली। पिछले कई सालों से इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल अर्थात कच्चे तेल की कीमत कम रही हैं, तब भी हमारे देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ती ही रहीं। आप जानते हैं कि आखिर क्या कारण है इसका ? कैसे आप तक पहुंचते-पहुंचते पेट्रोल-डीजल की कीमत 3 गुना बढ़ जाती है? इससे सरकारों को कितना फायदा होता है? आप साफ-साफ यह समझ लीजिए कि सरकार डीजल-पैट्रोल पर बंपर टैक्स लगाकर अपने नागरिकांे को सीधे-सीधे लूट रही है।  ध्यातव्य है कि भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। विदेशों से आने वाले इस कच्चे तेल रिफाइनरीज में शोधित किया जाता है जिसमें से अलग-अलग प्रकार के उत्पाद निकलते हैं या कह सकते हैं कि बनाए जाते हैं। जैसे डीजल, पेट्रोल आदि। इस तरह कच्चा तेल इस्तेमाल के योग्य होकर तेल विपणन कंपनियों जैसे भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम इत्यादि के पास जाता है, यहां से ये अपना प्राॅफिट कमाते हुए डीजल, पैट्रोल आदि को पेट्रोल पंपों तक पहुंचाती हैं। जहां से यह उपभोक्ताओं को उपलब्ध होता है। पेट्रोल पंप वाले तेल की कीमत में अपना कमीशन और केंद्र तथा संबंधित राज्...

लोगों को मीडिया के साथ मिलकर पगला रही है सरकार .. बारूदी स्ट्राइक और 'जिहाद' उगलता मीडिया! I Love Jihad I Media Bol

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जनता की बदहाली, बेरोजगारी, महंगाई जैसे जरूरी मुद्दों की जगह लव जेहाद, टुकड़े-टुकड़े और गुपकर गैंग जैसी बेतुकी बातें राजनीतिक विमर्श हावी Instead of important issues like public distress, unemployment, inflation, ridiculous things like love jihad, piecemeal and clandestine gang dominate political discourse

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श्रीनगर। केंद्र की जनविरोधी और विभाजनकारी नीतियों से जनता का ध्यान भटकाने में नरेंद्र मोदी की तरह अमित शाह भी माहिर हैं। भारत की लगातार कमजोर होती माली हालत और जनता की बदहाली पर बोलने और देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के बजाय मोदी सरकार की नीतियां उसे कमजोर करने, जनता को असहाय बनाने, आलोचकों का मुहं बंद करने और जनता का ध्यान भटकाने में पूरा जोर लगाया जा रहा है। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने गुपकार गैंग टिप्पणी के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर मंगलवार को पलटवार किया. मुफ्ती ने कहा कि इस तरह का बयान बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई से लोगों को ध्यान हटाने के लिए दिया गया है. महबूबा ने कहा कि खुद को मसीहा और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को देश का दुश्मन की तरह पेशकर भारत को बांटने के भाजपा के हथकंडा का अनुमान लगाया जा सकता है. उन्होंने कहा, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई (जैसे मुद्दों) के स्थान पर लव जेहाद, टुकड़े-टुकड़े और अब गुपकर गैंग राजनीतिक विमर्श में हावी हो गया है. पीडीपी प्रमुख ने सवाल किया कि क्या गठबंधन में चुनाव लड़ना भी अब राष्ट्रविरोधी हो गया है....

कविता: बोधिसत्व -- तुम मुझे वोट दो/मैं तुम्हें युद्ध दूँगा ! Poem: Bodhisattva - You vote me / I will give you war! You vote me

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तुम मुझे वोट दो मैं तुम्हें युद्ध दूँगा लहूलुहान भव्य देश दूँगा और विराट देश को झुकने नहीं दूँगा मैं देश को बेच दूँगा लेकिन उसे बँटने नहीं दूँगा  तिनका तिनका कर दूँगा चिथड़े उड़ा दूँगा लेकिन मिटने नहीं दूँगा बस ध्यान से तुम मुझे वोट दो दो वोट दो! तुम बूथ मजबूत करो और मुझे वोट दो तुम मुझे खून दो खौलता हुआ खून मेरे नाम का जयकारा लगाओ  मैं तुम्हें भाषण और नारे में लिपटा महायुद्ध दूँगा। क्योंकि युद्ध तुम्हारी समस्यायों का निदान है युद्ध हमारी समस्यायों का निदान है हर मुश्किल पर बारूद गिरा दो हर विचार पर बारूद गिरा दो हर बात पर बारूद गिरा दो भविष्य पर बारूद गिरा दो सपनों पर बारूद गिरा दो और मिल कर बोलो  बारूद ही भविष्य है युद्ध ही भविष्य है  तो लो यह युद्ध लो युद्ध लो युद्ध लो लो लो युद्ध लो  वोट दो वोट दो वोट दो वोट दो वोट दो दो ! Poem: Bodhisattva - You vote me / I will give you war! You vote me I will give you war I will give you a gorgeous country And Virat will not let the country bow down I will sell the country but I will not let it divide Blink blossom Will blo...

प्रख्यात कवि गोपाल दास नीरज की कविता .. जलाओ दिये पर रहे ध्यान इतना .. अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए Poem of eminent poet Gopal Das Neeraj .. Burn so much attention on the lamp

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जलाओ दिये पर रहे ध्यान इतना अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए नई ज्योति के धर नये पंख झिलमिल, उड़े मर्त्य मिट्टी गगन-स्वर्ग छू ले, लगे रोशनी की झड़ी झूम ऐसी, निशा की गली में तिमिर राह भूले, खुले मुक्ति का वह किरण-द्वार जगमग, उषा जा न पाए, निशा आ ना पाए। जलाओ दिये पर रहे ध्यान इतना अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए सृजन है अधूरा अगर विश्व भर में, कहीं भी किसी द्वार पर है उदासी, मनुजता नहीं पूर्ण तब तक बनेगी, कि जब तक लहू के लिए भूमि प्यासी, चलेगा सदा नाश का खेल यों ही, भले ही दिवाली यहाँ रोज आए। जलाओ दिये पर रहे ध्यान इतना अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए मगर दीप की दीप्ति से सिर्फ़ जग में, नहीं मिट सका है धरा का अँधेरा, उतर क्यों न आएँ नखत सब नयन के, नहीं कर सकेंगे हृदय में उजेरा, कटेगे तभी यह अँधेरे घिरे अब स्वयं धर मनुज दीप का रूप आए जलाओ दिये पर रहे ध्यान इतना अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए Poem of eminent poet Gopal Das Neeraj .. Burn so much attention on the lamp .. Do not stay anywhere on the darkness Keep attention on light Do not stay anywhere on the darkness New feathers clog new wings The flying...

सआदत हसन मंटो की बहुर्चित, बहुपठित कहानी - ठंडा गोश्त short story Thanda Gosht Saadat Hasan Manto

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ईश्वरसिंह ज्यों ही होटल के कमरे में दांखिला हुआ, कुलवन्त कौर पलंग पर से उठी। अपनी तेज-तेज आँखों से उसकी तरफ घूरकर देखा और दरवाजे की चिटखनी बन्द कर दी। रात के बारह बज चुके थे। शहर का वातावरण एक अजीब रहस्यमयी खामोशी में गर्क था। कुलवन्त कौर पलंग पर आलथी-पालथी मारकर बैठ गयी। ईशरसिंह, जो शायद अपने समस्यापूर्ण विचारों के उलझे हुए धागे खोल रहा था, हाथ में किरपान लेकर उस कोने में खड़ा था। कुछ क्षण इसी तरह खामोशी में बीत गये। कुलवन्त कौर को थोड़ी देर के बाद अपना आसन पसन्द न आया और दोनों टाँगें पलंग के नीचे लटकाकर उन्हें हिलाने लगी। ईशरसिंह फिर भी कुछ न बोला। कुलवन्त कौर भरे-भरे हाथ-पैरों वाली औरत थी। चैड़े-चकले कूल्हे थुल-थुल करने वाले गोश्त से भरपूर। कुछ बहुत ही ज्यादा ऊपर को उठा हुआ सीना,तेज आँखें, ऊपरी होंठ पर सुरमई गुबार, ठोड़ी की बनावट से पता चलता था कि बड़े धड़ल्ले की औरत है। ईशरसिंह सिर नीचा किये एक कोने में चुपचाप खड़ा था। सिर पर उसके कसकर बाँधी हुई पगड़ी ढीली हो रही थी। उसने हाथ में जो किरपान थामी हुई थी, उसमें थोड़ी-थोड़ी कम्पन थी, उसके आकार-प्रकार और डील-डौल से पता चलता था कि वह कुलवन्त क...

समाज की कड़वी सच्चाइयों का अनावरण करते मंटों झूठों और अनैतिकों को नापसंद उस सभ्यता, समाज और संस्कृति की चोली क्या उतारुंगा जो है ही नंगी .. सआदत हसन मंटो

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उर्दू के बेहद मशहूर अफसानानिगार सआदत हसन ‘मंटो’ ने अपने समय के समाज और व्यवस्था की सच्चाइयों का अनावरण अपनी कहानियांे में किया। हमारी व्यवस्था और समाज के लोग दोहरी स्थितियों में जीते हैं, वे जिस रूप में समाज के सामने अपने को पेश करते हैं अपनी वास्तविक सोच से वे उससे काफी भिन्न होते हैं। इसलिए सच को वे बर्दाश्त नहीं कर पाते। सच्चाइपसंद मंटो इसलिए न तो अपने समय में और न ही आज के समय में बहुत लोगों को पसंद हैं। मंटो को करोड़ों-करोड़ लोग दिल की गहराइयों से चाहते हैं। लेकिन एक छोटा तबका मंटो को पसंद नहीं करता। आपने राजकपूर की फिल्म देखी होगी, जागते रहो। उसमें भद्रजनों के घरों की असलियत उजागर करने का लघु प्रयास किया गया है। मंटो ने समाज की हकीकत अपने साहित्य में उजागर की है। और सच्चाई लोगों को पसंद नहीं है। हम सब दोगलेपन का शिकार हैं, हम आमतौर पर भीतर से अनैतिक हैं लेकिन बाहर से संत - पुण्यात्मा दिखाने का प्रयास करते हैं। जब कोई इसको उघाड़ने की कोशिश करता है तो हमें बड़ी चोट पहुंचती है, हम तिलमिला जाते हैं। सआदत हसन मंटो बड़ा और महान लेखक होकर भी एक ‘बदनाम’ लेखक हुआ. समझा गया कि मंटो को उनकी कहान...

मोदी सरकार की अर्थव्यवस्था विरोधी नीतियों से रोजगार-कारोबार पर पड़ी जबरदस्त मार, व्यावसायिक वाहनों की डिमांड 30 प्रतिशत कम indian economy slowdown

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नई दिल्ली। कोरोना महामारी के कारण चालू वित्त वर्ष में कमर्शियल व्हीकल के वॉल्यूम में 25-28 फीसदी की गिरावट की आशंका है। सेक्टर में लगातार बढ़ रही मुश्किलों के चलते रेटिंग एजेंसी इक्रा ने निगेटिव आउटलुक रखा है। इसकी बड़ी वजह ओवर कैपेसिटी, भाड़े में कमी और आर्थिक तंगी है। कमर्शियल वाहनों का घरेलू वॉल्यूम 7.17 लाख यूनिट्स रहा। यह वित्त वर्ष 2018-19 के 10.07 लाख यूनिट्स की तुलना में कम है, जो वॉल्यूम के लिहाज से अब तक का उच्चतम स्तर है। इक्रा के अनुमान के मुताबिक चालू वित्त में अनुमानित वॉल्यूम में गिरावट का यह आंकड़ा बीते दशक का सबसे निचला स्तर है। इक्रा के वाइस प्रेसिडेंट शमशेर दीवान ने कहा कि घरेलू कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट वित्त वर्ष 20 में ही मुश्किल दौर से गुजर रही थी और वॉल्यूम में भी 29 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी। रेटिंग एजेंसी ने यह अनुमान एक सर्वे के आधार पर दिया है। इस सर्वे में 11 राज्यों के 26 कमर्शियल व्हीकल डीलर्स को शामिल किया गया था। अक्टूबर में किए गए इस सर्वे में सेक्टर की जमीनी स्तर पर दिक्कतों को समझने का भी प्रयास किया गया। व्यावसायिक वाहनों की कम खपत का सीधा मतलब...

Bollywood News गोवा मंे भाजपा सरकार ने समुद्र तटों पर नंगेपन की आजादी दे रखी है ? पूनम पांडे अश्लील वीडियो शूटिंग में धरी गईं

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पणजी/मुंबई। गोवा की भाजपा सरकार पर आरोप है कि वह राज्य में पोर्न, अश्लीलता या नंगई को बढ़ावा दे रही है। गोवा पुलिस ने गुरुवार को कानकोना में चपोली बांध स्थल पर अश्लील वीडियो शूटिंग के आरोप में एक्ट्रेस पूनम पांडे को गिरफ्तार किया है। शूटिंग के दौरान सुरक्षा के लिए मौजूद दो पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, मुताबिक, एक्ट्रेस को कानकोना पुलिस ने अगुआड़ा के एक रिसॉर्ट से गिरफ्तार किया गया है। बताया जाता है कि अश्लील फोटो शूट करने वाले एक अज्ञात शख्स पर भी इस मामले में केस दर्ज है। यह प्राथमिकी स्थानीय विपक्षी पार्टी गोवा फॉरवर्ड के एक शिकायत पर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि पांडेय ने गोवा सरकार के जल संसाधन विभाग के स्वामित्व वाली संपत्ति में अश्लील वीडियो शूट कराया है। पुलिस अधीक्षक (दक्षिण गोवा) पंकज सिंह के अनुसार, अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 294 (अश्लीलता) के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि बहुचर्चित और बहुविवादित अभिनेत्री पूनम पांडे गोवा के चापोली डैम पर एक अश्लील वीडियो शूट कर रही थीं। पूनम के खिलाफ पुलिस दी गई तह...

कविता- सर्वेश्वरदयाल सक्सेना / देश कागज पर बना नक्शा नहीं होता indian hindi poetry and hindi literature

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यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में आग लगी हो तो क्या तुम दूसरे कमरे में सो सकते हो? यदि तुम्हारे घर के एक कमरे में लाशें सड़ रहीं हों तो क्या तुम दूसरे कमरे में प्रार्थना कर सकते हो? यदि हाँ तो मुझे तुम से कुछ नहीं कहना है। देश कागज पर बना नक्शा नहीं होता कि एक हिस्से के फट जाने पर बाकी हिस्से उसी तरह साबुत बने रहें और नदियां, पर्वत, शहर, गांव वैसे ही अपनी-अपनी जगह दिखें अनमने रहें। यदि तुम यह नहीं मानते तो मुझे तुम्हारे साथ नहीं रहना है। इस दुनिया में आदमी की जान से बड़ा कुछ भी नहीं है न ईश्वर न ज्ञान न चुनाव कागज पर लिखी कोई भी इबारत फाड़ी जा सकती है और जमीन की सात परतों के भीतर गाड़ी जा सकती है। जो विवेक खड़ा हो लाशों को टेक वह अंधा है जो शासन चल रहा हो बंदूक की नली से हत्यारों का धंधा है यदि तुम यह नहीं मानते तो मुझे अब एक क्षण भी तुम्हें नहीं सहना है। याद रखो एक बच्चे की हत्या एक औरत की मौत एक आदमी का गोलियों से चिथड़ा तन किसी शासन का ही नहीं सम्पूर्ण राष्ट्र का है पतन। ऐसा खून बहकर धरती में जज्ब नहीं होता आकाश में फहराते झंडों को काला करता है। जिस धरती पर फौजी बूटों के निशान हों और उ...

कविता- नागार्जुन .. मोटे सलाखों वाली काली दीवार के उस पार.. क्रान्ति सुगबुगाई है indian hindi poetry and hindi literature

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क्रान्ति सुगबुगाई है करवट बदली है क्रान्ति ने मगर वह अभी भी उसी तरह लेटी है एक बार इस ओर देखकर उसने फिर से फेर लिया है अपना मुँह उसी ओर ’सम्पूर्ण क्रान्ति’ और ’समग्र विप्लव’ के मंजु घोष उसके कानों के अन्दर खीज भर रहे हैं या गुदगुदी यह आज नहीं, कल बतला सकूँगा ! अभी तो देख रहा हूँ लेटी हुई क्रान्ति की स्पन्दनशील पीठ अभी तो इस पर रेंग रहे हैं चींटें वे भली-भाँति आश्वस्त हैं इस उथल-पुथल में एक भी हाथ उन पर नहीं उठेगा चलता रहा उनका धन्धा वे अच्छी तरह आश्वस्त हैं वे क्रान्ति की पीठ पर मज़े में टहल-बूल रहे हैं क्रान्ति सुगबुगाई थी ज़रूर लेकिन करवट बदल कर उसने फिर उसी दीवार की ओर मुँह फेर लिया है मोटे सलाखों वाली काली दीवार की ओर ! मोटे सलाखों वाली काली दीवार के उस पार न सुसज्जित मंच है, न फूलों का ढेर न बन्दनवार, न मालाएँ न जय-जयकार न करेंसी नोटॊं की गड्डियों के उपहार मोटे सलाखों वाली काली दीवार के उस पार नारकीय यन्त्रणा देकर तथाकथित ’अभियोग’ कबूल करवाने वाले एलैक्ट्रिक कण्डक्टर हैं मोटे सलाखों वाली काली दीवार के उस पार लट्ठधारी साधारण पुलिसमैन नहीं हैं वहाँ तो मुस्तैद है अपनी ड्यूटी में डी० ...

जब भूखे-प्यासे प्रवासी सड़कों पर भटक रहे थे तब मोदी अमीरों का कर्ज माफ कर रहे थे, चुनाव में कहते हैं आपको पैसा दूंगा, बाद में छीन लेते हैं, इन्हें शर्म नहीं आती

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पटना। विधान सभा चुनाव सभाओं में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी और राज्य की नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब बिहार के मजदूर हजारों किमी से पैदल भूखे-प्यासे लौट रहे थे, तब मोदीजी और नीतीश जी कहां थे? जब जरूरत थी तब कहां थे दोनों? राहुल बोले, वो दोनों हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों का कर्ज माफ कर रहे थे। कुछ साल से नीतीशजी बिहार के मुख्यमंत्री हैं। आज नीतीशजी एनडीए में हैं, मोदीजी के साथ पार्टनर बने हुए हैं। मगर आपको याद होगा कि पिछले चुनाव में नीतीशजी हमारे साथ थे। आपने गठबंधन को वोट दिया था, आपने एनडीए को वोट नहीं दिया था। उन्होंने धोखा दिया है। अभी तक बात समझ नहीं आई कि मोदीजी आते हैं, कहते हैं 15 लाख रुपए हर बैंक अकाउंट में डालूंगा। चुनाव जीतते हैं, रात 8 बजे आते हैं, कहते हैं 500 रुपए, 1000 रुपए सब रद्द, अपना सब पैसा बैंक में डाल दो। चुनाव से पहले कहते हैं मैं पैसा दूंगा। प्रधानमंत्री बनते हैं तो आपसे पैसा लेते हैं। बिहार के सब लोग, माता-पिता, भाई-बहन बैंक के सामने जाकर खड़े हो गए। 3.50 लाख करोड़ रुपए मोदीजी ने आपकी जेब से निकालकर उन बड़े उद्योगपतियों का कर...

भक्तों के पसंदीदा अक्षय अपनी फिल्म लक्ष्मी बॉम्ब को किन्नर महामंडेश्वर लक्ष्मी नारायण से प्रोमोट कराएंगे ? akshay kumar film laxmmi bomb kiara adwani

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मुंबई। अंधभक्तगणों के प्रिय फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार अब अपनी फिल्म लक्ष्मी बॉम्ब की व्यूअर-शिप बढ़ाने के लिए किन्नर यानी ट्रांसजेंडर कम्युनिटी को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। अक्षय ने इस हेतु सेलेब्रिटी ट्रांसजेंडर और किन्नर अखाड़ा महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को ऑफर दिया है। हालांकि नाम को लेकर काफी विवाद चल रहा है। यह नाम हिंदुओं की कथित धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कहा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लक्ष्मी नारायण अब फिल्म लक्ष्मी बॉम्ब की मार्केटिंग टीम का हिस्सा होंगे। लक्ष्मी नारायण फिल्म को प्रमोट करेंगे, चर्चा है कि फिल्म प्रोमोशन के लिए उन्हें मोटी रकम दी जाएगी। किन्नर महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण ने भी इस पर सकारात्मक रुख प्रकट किया है। अगर लक्ष्मी नारायण फिल्म लक्ष्मी बॉम्ब का प्रचार करते हैं तो निश्चय ही फिल्म के दर्शक बढ़ जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म से संबद्ध एक सूत्रों ने बताया कि अक्षय के कहने पर ही लक्ष्मी नारायण को मार्केटिंग टीम में शामिल किया गया है और वो खुद भी इस बात को लेकर काफी उत्साहित हैं कि अक्षय ने एक ट्रांसजेंडर का किरदार फिल्...