बदले की राजनीति पर ममता ने मोदी को धोया, कांग्रेस Surjewala Say, लोकतंत्र और सहकारी संघवाद पर हमला
कोलकाता। मोदी सरकार को देश की माली हालत सुधारने से ज्यादा चिंता विपक्षियों और आलोचकों को निपटाने की है। ऐसे में जबकि लाखों लोग सरकारी लापरवाही से मर गये तब भी सरकार सच्चाई को दबाने और विपक्षी राज्य सरकारों के काम-काज में अड़ंगे लगाने में लगी है। भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर बदले की राजनीति का आरोप लगाते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को बुलाने के फैसले को वापस ले और वरिष्ठ नौकरशाह को कोविड-19 संकट के दौरान लोगों के लिए काम करने की इजाजत दे। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह उनकी सरकार के लिये हर कदम पर मुश्किल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे अब भी विधानसभा चुनावों में भाजपा की हार को पचा नहीं पाए हैं।
बनर्जी ने आगे कहा कि अगर बंगाल की वृद्धि और विकास के लिये उनसे मोदी के चरण छूने को कहा जाएगा तो वह इसके लिये तैयार हैं। उन्होंने कहा, क्योंकि आप (मोदी और शाह) भाजपा की हार (बंगाल में) पचा नहीं पा रहे हैं, आपने पहले दिन से हमारे लिये मुश्किलें खड़ी करनी शुरू कर दीं। मुख्य सचिव की क्या गलती है? कोविड-19 संकट के दौरान मुख्य सचिव को वापस बुलाना दिखाता है कि केंद्र बदले की राजनीति कर रहा है।
चक्रवात से हुए विनाश पर प्रधानमंत्री की समीक्षा बैठक में मौजूद नहीं रहने के कारण हो रही आलोचना के बारे में बनर्जी ने कहा, ‘यह बैठक प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच होने वाली थी। भाजपा नेताओं को इसमें क्यों बुलाया गया?’ उन्होंने दावा किया कि बीते कुछ दिनों के दौरान चक्रवात का सामना करने वाले राज्यों गुजरात और ओडिशा में हुई ऐसी ही समीक्षा बैठकों में विपक्ष के नेताओं को शामिल नहीं किया गया।
नयी दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय को वापस बुलाए जाने को लोकतंत्र और सहकारी संघवाद पर हमला करार देते हुए शनिवार को कहा कि ऐसे कदम से अराजकता पैदा होगी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह सवाल भी किया कि बंदोपाध्याय को तीन महीने का सेवा विस्तार देने के चार दिन बाद ही वापस बुलाने का फैसला क्यों किया गया?
उन्होंने एक बयान में कहा, मोदी सरकार की ओर से पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को दुर्भावनापूर्ण एवं मनमाने ढंग से वापस बुलाये जाने ने पूरे देश की चेतना को स्तब्ध कर दिया है। यह इस मायने में और भी गंभीर है कि चार दिन पहले मोदी सरकार ने ही मुख्य सचिव को तीन महीने का सेवा विस्तार दिया था। कांग्रेस महासचिव ने दावा किया कि केंद्र सरकार के कदमों से ऐसा प्रतीत होता है कि वह हाल ही में निर्वाचित तृणमूल कांग्रेस सरकार को अपदस्थ करना चाहती है।
#All India Trinamool Congress Indian National Congress #West Bengal #Kolkata #Alapan Bandyopadhyay
कृपया विश्वसनीय, तथ्यात्मक, तार्किक खबरों और विचारों के लिए देखिए हमारी वेबसाइट्स
https://bharatidunuiya.blogspot.com
https://india2020newview.blogspot.com
https://gangaprawah.blogspot.com


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें