मोदी सरकार के सात साल - भारत की जबरदस्त बर्बादी के साल, अर्थव्यवस्था गर्त मंे, जनता बदहाल
नयी दिल्ली। मोदी सरकार ने अपनी जनविरोधी और अर्थव्यवस्था विरोधी कार्रवाइयों से पिछले सात वर्षों में देश को हर तरह से कंगाल कर दिया है। कांग्रेस ने मोदी सरकार के दो वर्ष पूरे होने पर उसकी विफलताओं की झड़ी लगाते हुए इस सरकार को भारत के लिए हानिकारक बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीे ने पिछले सात में देश को बर्बाद कर दिया है और जनता उनकी नाकामयाबियों को भुगत रही है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी की संचार इकाई के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मोदी शासन के सात साल में अर्थव्यवस्था गर्तव्यवस्था बन गई है। पिछले सात दशक में देश ने जो तरक्की की थी मोदी शासन ने सात साल में उसे तबाह कर दिया है। सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ने सिर्फ अर्थव्यवस्था को ही तबाह नहीं किया बल्कि बेरोजगारी बेतहाशा बढ़ी है और 45 साल में देश में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।
कांग्रेस महासचिव और मुख्य प्रवक्ता सुरजेवाला ने कहा कि मोदी शासन में महंगाई चरम पर पहुंच गई है। महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ दी है और इससे चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। खाद्य पदार्थों के भाव आसमान छू रहे है। पेट्रोल 100 लीटर तथा सरसों का तेल 200 रुपए प्रति लीटर को पार कर गया है। वर्ष 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई थी तो पेट्रोल करीब 71 रुपए और डीजल पर 55 प्रति लीटर की दर से बिक रहा था लेकिन आज पेट्रोल 102 और डीजल 94 रुपए पर पहुंच गया है। रसोई गैस की कीमतों में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने किसानों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि यह सरकार अहंकारी है और उसने देश के अन्नदाता पर भी प्रहार किया है। उनका कहना था कि पीएम मोदी किसान को उसकी फसल पर लागत का 50 फीसदी मुनाफा देने का वादा कर सत्ता में आए थे लेकिन सरकार बनने के बाद उन्होंने किसानों से किए वादे को पूरा करने की बजाय उन पर प्रहार किया और किसान विरोधी कानूनों को संसद में पारित करवा दिया

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