उद्योगों को अधिक लोन दिया बैंकों ने, बेरोजगार हैं बेजार
मुंबई। आम आदमी को बैंकों से लोन मिलना बहुत मुश्किल है। सरकार कहती तो है कि लोग बैंक से लोन लेकर स्वरोजगार करें, लेकिन अधिकतम लोगों को बैंकों से लोन नहीं मिलता। बहुत से लोग बैंकों से लोन लेकर कोई काम करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। ऐसे में जिनके पास पहले से माल है, जो कारोबार में हैं वे बैंकों की लोन योजनाओं का लाभ उठा जाते हैं और अधिक अमीर हो लेते हैं। अपनी नौकरी या काम-धंधा गंवा चुके लोग टापते रह जाते हैं। बैंकों ने 12 फरवरी को खत्म पखवाड़े में पिछले साल से 6.6 प्रतिशत ज्यादा लोन बांटे जबकि 14 फरवरी 2020 को खत्म पखवाड़े में लोन ग्रोथ 6.4 प्रतिशत रही थी। यह जानकारी केयर रेटिंग्स ने अपनी हालिया रिपोर्ट में दी है। बैंकों की लोन ग्रोथ कोविड-19 के शुरुआती महीनों वाली रेंज में पहुंच गई है। अप्रैल 2020 में बैंकों की लोन ग्रोथ 6.5 प्रतिशत से 7.2 प्रतिशत के बीच रही थी।
मीडिया रिपोटर््स के अनुसार, 12 मार्च को खत्म पखवाड़े में बैंकों का आउटस्टैंडिंग यानी बांटा हुआ कुल लोन 107 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। 29 जनवरी को खत्म पखवाड़े में यह इतना ही था लेकिन दिसंबर 2020 में यह 105 लाख करोड़ रुपए था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल के पहले महीने में रिटेल लोन की सालाना ग्रोथ 6.7 प्रतिशत रही जबकि खेती और खेती किसानों से जुड़े लोन में 9.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। टोटल लोन में रिटेल सेगमेंट का हिस्सा 29 प्रतिशत रहा जो पिछले साल 28.1 प्रतिशत था। टोटल लोन में इंडस्ट्रियल सेगमेंट का हिस्सा 29.6 प्रतिशत जबकि सर्विसेज सेक्टर का हिस्सा 28 प्रतिशत रहा।
केयर रेटिंग्स रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेड और टूरिज्म को दिए गए लोन की सालाना ग्रोथ 15.7 प्रतिशत जबकि होटल और रेस्टोरेंट सेगमेंट की लोन ग्रोथ 8.9 प्रतिशत रही। प्रोफेशनल सर्विसेज सेगमेंट को दिए गए लोन में 25 प्रतिशत की गिरावट आई जबकि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर सेगमेंट की लोन में 0.2 प्रतिशत की कमी आई। 12 फरवरी को खत्म हुए पखवाड़े में बैंकों के टोटल डिपॉजिट में 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसमें एफडी ग्रोथ 10.8 प्रतिशत जबकि कासा ग्रोथ 19.7 प्रतिशत रही। केयर रेटिंग्स के मुताबिक, ‘फरवरी के पहले पखवाड़े में डिपॉजिट ग्रोथ इस जनवरी के अंतिम पखवाड़े के 11.1 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा लेकिन 14 फरवरी 2020 को खत्म पखवाड़े के 9.1 प्रतिशत से खासा ज्यादा रही
केयर रेटिंग्स रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि डेट म्यूचुअल फंड और इक्वटी फंड से निकला पैसा भी बैंकों में आया जिसकी वजह से डिपॉजिट बढ़ा। 12 फरवरी को खत्म पखवाड़े में टोटल डिपॉजिट में 89 प्रतिशत हिस्सा एफडी और 11 प्रतिशत हिस्सा करेंट एकाउंट और सेविंग्स डिपॉजिट का रहा। लोन के मुकाबले डिपॉजिट में ज्यादा बढ़ोतरी की वजह से बैंकिंग सिस्टम में भरपूर पैसा रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, 26 फरवरी को बैंकिंग सिस्टम में 6 लाख करोड़ रुपए मौजूद थे जो महीने भर पहले 5.76 लाख करोड़ रुपए थे।
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