चीन का फर्जी विरोध करते रहे और कारोबार भी बढ़ाते रहे, अब आंध्र में शुरु हुआ चीन का मेट्रो कोच निर्माण प्लांट
नई दिल्ली। पिछले साल जून में लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सेना द्वारा 20 भारतीय सैनिकों की जान लेने की घटना के बाद चीन का भारत में खूब विरोध हुआ। भारत ने जनभावना को तुष्ट करने के लिए सैकड़ों चीनी मोबाइल ऐप बैन कर दिए। लेकिन सरकारी और प्राइवेट कंपनियां चीन के साथ कारोबार करती रहीं। चीन भारत में लगातार निवेश कर रहा है। भारत चीन से खूब आयात भी कर रहा है। चीन विरोधी भावनाओं के बीच देश में चीनी कंपनियों का कारोबार जारी है। अब चीन की रोलिंग स्टॉक एंड कंपोनेंट बनाने वाला समूह सीआरआरसी नांनजिंग झेन मेट्रो कोच मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने जा रहा है। इस प्लांट का शिलान्यास भी हो चुका है।
जानकारी के मुताबिक, इस मेट्रो कोच मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का निर्माण आंध्र प्रदेश के श्रीसिटी में किया जा रहा है। इसके निर्माण पर शुरुआत में करीब 350 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इस प्लांट का निर्माण करीब 45.3 एकड़ जमीन पर किया जा रहा है जिसके इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इस प्लांट के बनने से 500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
चीन के इस प्लांट में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डवलपमेंट अथॉरिटी और चेन्नई मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के लिए कोच बनाए जाएंगे। कंपनी को बंगलुरु मेट्रो के लिए 216 मेट्रो कोच बनाने के लिए ऑर्डर भी मिल चुका है। मेट्रो कोच की 75 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग लोकल स्तर पर करेगी, जबकि 50 प्रतिशत से ज्यादा लोकल सामान का इस्तेमाल किया जाएगा। सीआरआरसी इंडिया का कहना है कि भविष्य में कोच की लोकल मैन्युफैक्चरिंग को 90 प्रतिशत तक ले जाया जाएगा। भविष्य में सीआरआरसी पश्चिम एशिया और अफ्रीकी देशों के लिए भी कोच का निर्यात करेगी।
सीआरआरसी इंडिया के चेयरमैन जेंग याओ झेंग ने श्रीसिटी में प्लांट बनाने को लेकर कहा कि यह भारत के सबसे अच्छे इंडस्ट्रियल हब में से एक है। सीआरआरसी इंडिया इस क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है और कंपनी 5 स्थानीय मॉडल पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इसमें स्थानीय ऑपरेशन, स्थानीय स्तर से खरीदारी, स्थानीय सेवा, स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग और स्थायी एंप्लॉयमेंट शामिल हैं।
श्रीसिटी के फाउंडर प्रबंध निदेशक रविंद्र सन्निरेड्डी का कहना है कि इस प्लांट की दूसरी ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी नए साल में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्रीसिटी में निवेश करने वाली सीआरआरसी 13वीं चीनी कंपनी है। हम दुनिया की बड़ी मेट्रो कोच निर्माता कंपनी का अपने ऑटोमोटिव सेक्टर में आने पर काफी खुश हैं। सीआरआरसी नांनजिंग झेन रेल ट्रांजिट उपकरण की दुनिया की सबसे बड़ी सप्लायर कंपनी है। सीआरआरसी के अमेरिका, अर्जेंटीना, मलेशिया और ब्रिटेन में भी मेट्रो कोच मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं।
तमाम सरकारी और प्राइवेट कंपनियां चीन के साथ बिजनेस कर रही हैं। भारती एयरटेल ने टेलीकॉम उपकरण बनाने वाली चीनी कंपनी हुवावे को 300 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रेक्ट दिया है। भारती एयरटेल ने टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए यह कॉन्ट्रेक्ट दिया है। एयरटेल ने हुवावे के लिए प्रोक्योरमेंट ऑर्डर भी जारी कर दिया है। भारती एयरटेल ने नेशनल लॉन्ग डिस्टेंस नेटवर्क के विस्तार के लिए यह कॉन्ट्रेक्ट दिया है। नेशनल लॉन्ग डिस्टेंस का ऑपरेशन हुवावे की ओर से ही किया जा रहा है।
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