आज के खराब समय में हम क्या कर रहे हैं ... अगर हम नहीं वक्त पर जाग पाए, सुबह क्या कहेगी पवन क्या कहेगा? hindi poem
अगर हम नहीं
देश के काम आए
धरा क्या कहेगी
गगन क्या कहेगा?
किरण प्रात आह्वान है
ठोस श्रम का
चलो आइना तोड़
रख दें अहम का
अगर हम नहीं
वक्त पर जाग पाए
सुबह क्या कहेगी
पवन क्या कहेगा?
मदिर गंध का अर्थ है
खूब महकें
पड़े संकटों की
भले मार - चहकें
अगर हम नहीं
फूल-सा मुस्कुराए
व्यथा क्या कहेगी
चमन क्या कहेगा?
बहुत हो चुका स्वर्ग
भू पर उतारें
करें कुछ नया, स्वस्थ
सोचें-विचारें
अगर हम नहीं
ज्योति बन झिलमिलाए
निशा क्या कहेगी
भुवन क्या कहेगा?
-डॉ. इसाक अश्क
जय हिंद ! जय संविधान ! जय किसान ! जय जनता ! भारत की मेहनतकश जनता जिंदाबाद !
गूगल में देखिए हमारे ब्लाॅग्स और अपनी बात कहिए:
https://loknirnay11.blogspot.com
https://bharatiduniya.blogspot.com
https://india2020newview.blogspot.com
https://gangaprawah.blogspot.com
अपने सुझाव, समाचार, रचनाएं ब्लाॅग्स हेतु भेजिए और पत्रकार बनने के लिए अपना बायोडाटा भेजिए ईमेल nirnaylok@gmail.com और indianewview@gmail.com पर।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें