सरकारें, पूंजीपति और माफिया सच्चाई से घबराते हैं, सच्चाई बोलने वालों को प्रताड़ित, हत्याएं करते हैं
नई दिल्ली। मोदी सरकार के कार्यकाल में सबसे ज्यादा पत्रकारों, मानवधिकार कार्यकर्ताओं और भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को प्रताड़ित करती रही है। हालांकि इससे पहले की सरकारों के दौरान भी यह होता था लेकिन मोदी सरकार ने लोगों को प्रताड़ित करने के सारे कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। 2020 में दुनिया भर में 44 महिलाओं समेत 331 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई। इनमें 6 भारतीय भी थे। इनमें से दो तिहाई लोग पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों के लिए काम कर रहे थे। मानवाधिकार संगठन फ्रंटलाइन डिफेंडर्स की ‘ग्लोबल एनालिसिस 2020’ नाम की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा 177 लोगों की हत्या कोलंबिया में हुई। आवाज दबाने के लिए 10 में से 4 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार या प्रताड़ित भी किया गया। कोलंबिया में 177 लोगों की हत्या कर दी गई।
रिपोर्ट में भारत के इन लोगों को शामिल किया गया है- बिहार के पंकज कुमार का पटना की सोन नदी में मिला गोलियों से छलनी शव मिला, रेत माफिया पर शक, क्योंकि वे उन्हें उजागर कर रहे थे। उड़ीसा के रंजन कुमार दास की नेशनल पार्क और कोयला खान में भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर हत्या कर दी गई। उत्तर प्रदेश के शुभम मणि त्रिपाठी की अवैध कब्जे का खुलासा करने पर भू-माफियाओं ने हत्या कर दी। यूपी के ही राकेश सिंह निर्भीक की भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर सैनिटाइजर डालकर जला दिया।
जम्मू-कश्मीर के बाबर कादरी की सितंबर 2020 में अज्ञात बंदूकधारियों ने घर में घुसकर हत्या कर दी। गुजरात के देवजी माहेश्वरी को दलित उत्पीड़न के बारे में लिखने पर सितंबर में मार डाला गया।
रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में जिन लोगों की हत्या कर दी गई उनमें 20 लोग ऐसे थे, जो भ्रष्टाचार के खिलाफ काम कर रहे थे। 10 में से 5 मामलों में आवाज दबाने के लिए गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई की गई। घरों या दफ्तरों में छापे तक मारे गए।
भारत में सरकार अपनी आलोचकों से बहुत बैर-भाव रखती है। इसके अलावा सत्तारूढ़ संघ परिवार के लोग, सरकार के सहयोगी और समर्थक भी उदारवादियों, मानवाधिकारवादियों, पत्रकारों इत्यादि से शत्रुता जैसा भाव रखते हैं। सरकार अपने स्तर से भी आलोचकों को प्रताड़ित करने के लिए अपने प्रोपेगंडा सेल के जरिये बदनाम करने, सुरक्षा और जांच एजेंसियों के जरिये डराने और फर्जी मुकदमों में फंसाने के काम करती रही है। भाजपा की ज्यादातर राज्य सरकारों ने भी विरोधियों को बदनाम करने और प्रताड़ित करने नये रिकाॅर्ड कायम किये हैं। पिछले 6-7 सालों में देशद्रोह की धारा लगाने और देशद्रोही बताकर सरकार की जनविरोधी नीतियों की आलोचना करने वालांे को बहुत परेशान किया गया है।
Front Line Defenders or The International Foundation for the Protection of Human Rights Defenders is an Irish&based human rights organisation founded in Dublin] Ireland in 2001 to protect those who work non&violently to uphold the human rights of others as outlined in the Universal Declaration of Human
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