पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव होगा त्रिकोणीय, कांग्रेस वामदलों के साथ गठबंधन बनाकर लड़ेगी, बंगाल गौरव को त्रणमूल, भाजपा गुंडागर्दी, हिंसा का नंगा नाच कर नष्ट कर रही, कांग्रेस बहाल कराएगी
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल का विधान सभा चुनाव त्रिकोणीय होने जा रहा है। कांग्रेस आलाकमान ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए वाम दलों के साथ गठबंधन के लिए अपनी सहमति दे दी है। बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चैधरी ने कहा, कांग्रेस आलाकमान ने पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव के लिए वाम दलों के साथ चुनावी गठबंधन को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। ज्ञातव्य है कि वर्ष 2016 में हुए विधान सभा चुनावों में कांग्रेस ने वाम दलों के साथ गठबंधन किया था और 44 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। यद्यपि, तब से अब तक कांग्रेस के करीब आधे विधायक तृणमूल में शामिल हो गए हैं।
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस सीट साझा समझौते में उचित हिस्सेदारी चाहती है। बंगाल कांग्रेस प्रभारी जितिन प्रसाद ने कहा कि सीट बंटवारे पर बातचीत शुरू होगी, लेकिन पार्टी बंगाल के गौरव को बहाल करने के लिए पूरी ताकत से लड़ेगी जो कि भाजपा और टीएमसी द्वारा नष्ट किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि भाजपा इस चुनावी राज्य में तेजी से ताकत के रूप में उभर रही है। अगले साल 294 सदस्यीय बंगाल विधानसभा का चुनाव है। तृणमूल कांग्रेस के पास जहां सत्ता बरकरार रखने की चुनौती है, वहीं कांग्रेस के समक्ष राज्य में अपनी जमीन बरकरार रखने के साथ - साथ अपना आधार और बढ़ाने की चुनौती है। कांग्रेस इस बात को लेकर दुविधा में थी कि वह वाम दलों के साथ जाए या तृणमूल के। हालांकि इसके राज्य के नेता वामपंथियों से अनौपचारिक रूप से बातचीत कर रहे हैं और राज्य में एक साथ कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
भाजपा और सत्तारूढ़ टीएमसी पश्चिम बंगाल में हिंसा और गुंडागर्दी का नंगा खेल खेल रहे हैं। जनता बेहद त्रस्त है। लोगों के बीच इन दोनों पार्टियों ने भारी दरार डाल दी है। ऐसे में कांग्रेस और वामदलों के मोर्चे के समक्ष जनता का भरोसा जीतने की भी चुनौती होगी।

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